पटना: बिहार में पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने के मामलों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। Bihar Police के महानिदेशक (डीजीपी) Vinay Kumar ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वर्दी में किसी भी प्रकार का वीडियो या रील बनाना अनुशासनहीनता मानी जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वर्दी की गरिमा बनाए रखने पर जोर
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि वर्दी सिर्फ ड्यूटी और सेवा के लिए है, न कि सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए। हाल के दिनों में कई ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिनमें पुलिसकर्मी वर्दी में डांस या मनोरंजन से जुड़े रील बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर रहे थे। इससे विभाग की छवि और अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
कई पुलिसकर्मी रडार पर
सूत्रों के अनुसार, ऐसे मामलों में 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की पहचान की गई है। कुछ मामलों में प्रारंभिक कार्रवाई भी की जा चुकी है, जबकि अन्य मामलों की जांच जारी है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।
सोशल मीडिया पर बढ़ी निगरानी
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी है। संबंधित इकाइयों को 24×7 मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्दी में बनाए जा रहे वीडियो या रील्स की पहचान कर समय पर कार्रवाई की जा सके।
‘ऑपरेशन रील’ के तहत अभियान
विभागीय स्तर पर इस कार्रवाई को अनौपचारिक रूप से “ऑपरेशन रील” नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य पुलिस बल में अनुशासन बनाए रखना और वर्दी की गरिमा को सुरक्षित रखना है।
स्पष्ट संदेश
डीजीपी के इस निर्देश के बाद यह साफ हो गया है कि अब पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर सक्रियता दिखाते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। वर्दी में किसी भी तरह की गैर-पेशेवर गतिविधि अब सीधे कार्रवाई का कारण बनेगी।
(रिपोर्ट: बिहार डेस्क)













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